RBI rules: read the RBI guidelines on loan settlement and recovery
  • Already in force: lenders and recovery agents must not call you for overdue loans before 8 AM or after 7 PM
  • Credit report correction not done within 30 days of your complaint? You get ₹100 for each day of delay
  • Recovery agents must not threaten, humiliate or harass you, your relatives, friends or co-workers
  • From 1 Jan 2027, banks must also tell you the recovery agency’s details at least one day before its first visit
  • From 1 Jan 2027, banks must list their recovery agencies on their website
  • Lenders agree settlements under their own Board-approved policy; it is not an automatic right
  • After a compromise settlement, lenders wait at least 12 months before lending to you again (non-farm loans)
  • No reply from your bank in 30 days, or unhappy with it? You can complain to the RBI Ombudsman at cms.rbi.org.in
Recovery Agent Rules

रिकवरी एजेंट उत्पीड़न हो तो कर्ज़दार के अधिकार क्या हैं?

बैंक बकाया याद दिला सकता है, लेकिन धमकी, अपमान या परिवार को शर्मिंदा करना RBI नियमों के खिलाफ है। सबूत रखें, लेंडर को लिखें, ज़रूरत हो तो लोकपाल के पास जाएँ।

Read this guide in English

Prepared by Loan Settlement Experts
Banking & Debt Resolution Team, Debt Support Expert
Published: 2026-11-06
Reviewed by Adv. AK Mishra
8 min read
दस्तावेज़ समझाता सलाहकार और एक जोड़ा

संक्षेप में जवाब

EMI छूटने पर लेंडर या उसका एजेंट आपसे संपर्क कर सकता है। शिष्ट याद दिलाना आमतौर पर वैध वसूली है। सुबह 8 बजे से पहले या शाम 7 बजे के बाद वसूली कॉल, गाली, धमकी, सार्वजनिक अपमान, या परिवार-पड़ोस को कर्ज़ बताकर दबाव बनाना — ये RBI के 12 अगस्त 2022 के परिपत्र RBI/2022-23/108 के दायरे में निषिद्ध व्यवहार माने जाते हैं। एजेंट के काम की ज़िम्मेदारी लेंडर की रहती है।

कर्ज़ माफ नहीं होता, और आपका सम्मान भी खत्म नहीं होता। दोनों बातें साथ चलती हैं। विस्तार अंग्रेज़ी में: legal recovery vs harassment।

वैध वसूली किसे कहते हैं?

लेंडर बकाया बता सकता है, पत्र भेज सकता है, और अधिकृत प्रतिनिधि भेज सकता है। कोर्ट या मध्यस्थता जैसी कानूनी प्रक्रिया समझौते और कानून के अनुसार चल सकती है। तनाव होना अपने आप में उत्पीड़न नहीं है — तरीका मायने रखता है।

उत्पीड़न कब शुरू होता है?

जब मकसद डराना, शर्मिंदा करना या निजता तोड़ना हो। उदाहरण: रात के दस बजे वसूली कॉल, ऑफिस में सबके सामने कर्ज़ पुकारना, “आज पुलिस आएगी” जैसी भ्रामक बात, या गारंटर न होने पर भी माता-पिता को बार-बार फोन कर दबाव बनाना। हर असहज कॉल अपने आप अवैध नहीं होता; तारीख, समय और शब्द लिखकर रखें।

एजेंट हद पार करे तो क्या करें?

  • तारीख, समय, नंबर, नाम और कही गई बात नोट करें। कॉल लॉग, SMS, WhatsApp सहेजें।
  • लेंडर के grievance officer को लोन खाता संख्या और सबूत के साथ लिखें। लिखित जवाब माँगें।
  • 30 दिन में ठीक जवाब न मिले और आपका लेंडर योजना के दायरे में हो तो cms.rbi.org.in पर RBI लोकपाल के पास शिकायत की जा सकती है। देखें Ombudsman guide।
  • मारपीट या जबरदस्ती घर में घुसने की आशंका हो तो पुलिस से संपर्क करें। आपात में 30 दिन का इंतज़ार न करें।

EMI नहीं दे पा रहे हों तो क्या?

उत्पीड़न की शिकायत और कर्ज़ की बात अलग-अलग चल सकती हैं। कठिनाई हो तो लेंडर को लिखकर कम EMI, ज़्यादा समय या सेटलमेंट पूछें। सेटलमेंट लेंडर का फ़ैसला है, वादा नहीं। मौखिक “सेटलमेंट” पर पैसे न दें। सेटलमेंट से CIBIL बेहतर नहीं होता।

Sources

  1. RBI/2022-23/108 (12 अगस्त 2022) रिकवरी एजेंट
  2. RBI Complaint Management System (cms.rbi.org.in)
  3. RBI Integrated Ombudsman Scheme, 2026

Frequently Asked Questions

क्या एजेंट दिन में कई बार फोन कर सकता है?

याद दिलाना अलग बात है, बार-बार डराकर कॉल करना अलग। हर कॉल नोट करें और लेंडर को लिखकर बताएँ।

क्या परिवार को फोन करना सही है?

परिवार, मित्र या सहकर्मियों की निजता में दखल और उन्हें दबाव का औज़ार बनाना परिपत्र के खिलाफ है। सबूत रखें।

क्या सीधे RBI जा सकते हैं?

आम तौर पर पहले लेंडर को शिकायत करनी होती है। 30 दिन बाद या असंतोषजनक जवाब पर, पात्रता हो तो लोकपाल के पास जाएँ।

क्या बकाया होने से धमकी जायज़ हो जाती है?

नहीं। चुकाने की ज़िम्मेदारी और सम्मानजनक व्यवहार साथ-साथ रहते हैं।

Want help with your own case?

Call +91 79797 89458 or message us on WhatsApp. We explain your options and help you prepare your papers for the lender.