संक्षेप में जवाब
EMI छूटने पर लेंडर या उसका एजेंट आपसे संपर्क कर सकता है। शिष्ट याद दिलाना आमतौर पर वैध वसूली है। सुबह 8 बजे से पहले या शाम 7 बजे के बाद वसूली कॉल, गाली, धमकी, सार्वजनिक अपमान, या परिवार-पड़ोस को कर्ज़ बताकर दबाव बनाना — ये RBI के 12 अगस्त 2022 के परिपत्र RBI/2022-23/108 के दायरे में निषिद्ध व्यवहार माने जाते हैं। एजेंट के काम की ज़िम्मेदारी लेंडर की रहती है।
कर्ज़ माफ नहीं होता, और आपका सम्मान भी खत्म नहीं होता। दोनों बातें साथ चलती हैं। विस्तार अंग्रेज़ी में: legal recovery vs harassment।
वैध वसूली किसे कहते हैं?
लेंडर बकाया बता सकता है, पत्र भेज सकता है, और अधिकृत प्रतिनिधि भेज सकता है। कोर्ट या मध्यस्थता जैसी कानूनी प्रक्रिया समझौते और कानून के अनुसार चल सकती है। तनाव होना अपने आप में उत्पीड़न नहीं है — तरीका मायने रखता है।
उत्पीड़न कब शुरू होता है?
जब मकसद डराना, शर्मिंदा करना या निजता तोड़ना हो। उदाहरण: रात के दस बजे वसूली कॉल, ऑफिस में सबके सामने कर्ज़ पुकारना, “आज पुलिस आएगी” जैसी भ्रामक बात, या गारंटर न होने पर भी माता-पिता को बार-बार फोन कर दबाव बनाना। हर असहज कॉल अपने आप अवैध नहीं होता; तारीख, समय और शब्द लिखकर रखें।
एजेंट हद पार करे तो क्या करें?
- तारीख, समय, नंबर, नाम और कही गई बात नोट करें। कॉल लॉग, SMS, WhatsApp सहेजें।
- लेंडर के grievance officer को लोन खाता संख्या और सबूत के साथ लिखें। लिखित जवाब माँगें।
- 30 दिन में ठीक जवाब न मिले और आपका लेंडर योजना के दायरे में हो तो cms.rbi.org.in पर RBI लोकपाल के पास शिकायत की जा सकती है। देखें Ombudsman guide।
- मारपीट या जबरदस्ती घर में घुसने की आशंका हो तो पुलिस से संपर्क करें। आपात में 30 दिन का इंतज़ार न करें।
EMI नहीं दे पा रहे हों तो क्या?
उत्पीड़न की शिकायत और कर्ज़ की बात अलग-अलग चल सकती हैं। कठिनाई हो तो लेंडर को लिखकर कम EMI, ज़्यादा समय या सेटलमेंट पूछें। सेटलमेंट लेंडर का फ़ैसला है, वादा नहीं। मौखिक “सेटलमेंट” पर पैसे न दें। सेटलमेंट से CIBIL बेहतर नहीं होता।
Sources
Frequently Asked Questions
क्या एजेंट दिन में कई बार फोन कर सकता है?
याद दिलाना अलग बात है, बार-बार डराकर कॉल करना अलग। हर कॉल नोट करें और लेंडर को लिखकर बताएँ।
क्या परिवार को फोन करना सही है?
परिवार, मित्र या सहकर्मियों की निजता में दखल और उन्हें दबाव का औज़ार बनाना परिपत्र के खिलाफ है। सबूत रखें।
क्या सीधे RBI जा सकते हैं?
आम तौर पर पहले लेंडर को शिकायत करनी होती है। 30 दिन बाद या असंतोषजनक जवाब पर, पात्रता हो तो लोकपाल के पास जाएँ।
क्या बकाया होने से धमकी जायज़ हो जाती है?
नहीं। चुकाने की ज़िम्मेदारी और सम्मानजनक व्यवहार साथ-साथ रहते हैं।
