संक्षेप में जवाब
लोन सेटलमेंट (one-time settlement या compromise settlement) वह सहमति है जिसमें लेंडर लिखकर पूरी बकाया से कम राशि स्वीकार कर खाता निपटाने को राज़ी होता है। RBI के 8 जून 2023 के ढाँचे के अनुसार लेंडर की बोर्ड-स्वीकृत नीति होती है, लेकिन किसी भी borrower को सेटलमेंट का स्वतः अधिकार नहीं मिलता।
मान लीजिए किसी पर ₹3 लाख बकाया है और नौकरी चली गई। लेंडर लिखकर ₹1.5 लाख स्वीकार करे — यह केवल उदाहरण है, वादा या औसत नहीं। सेटलमेंट से CIBIL बेहतर नहीं होता; स्थिति प्रायः “settled” होती है, “closed” नहीं। मुख्य सेवा पृष्ठ: पर्सनल लोन सेटलमेंट।
सेटलमेंट से पहले कौन-से विकल्प पूछें?
- EMI कम कर अवधि बढ़ाना (restructuring)
- अस्थायी मोहलत, यदि आय जल्द लौटने वाली हो
- दंड शुल्क कम करने की लिखित विनती, बाकी नियमित बकाया चुकाते हुए
पूरा चुका पाना संभव हो तो restructuring अक्सर क्रेडिट प्रोफ़ाइल के लिए सेटलमेंट से बेहतर रहता है।
लिखित ऑफर से पहले पैसे क्यों न दें?
एजेंट का मौखिक आँकड़ा पर्याप्त नहीं। पत्र में राशि, अंतिम तिथि, खाता संख्या और भुगतान के बाद खाते की स्थिति साफ हो। पैसे केवल लेंडर के आधिकारिक खाते में जाएँ। रसीद और बाद में NOC या सेटलमेंट-पूर्णता पत्र माँगें। देखें NOC के बाद।
CIBIL पर क्या लिखा जाता है?
पूरी राशि चुकाने पर खाता आमतौर पर closed दिखता है। कम राशि पर settled। दोनों अलग हैं। settled स्थिति नए कर्ज़ को कठिन बना सकती है। निश्चित अंकों की कटौती कोई नहीं बता सकता। विवरण: settled बनाम closed।
Sources
Frequently Asked Questions
क्या मुश्किल में सेटलमेंट अपने आप मिल जाता है?
नहीं। लेंडर अपनी नीति और आपके कागजों के आधार पर फ़ैसला करता है।
क्या सेटलमेंट से CIBIL सुधरता है?
नहीं। सेटलमेंट स्कोर सुधारने का तरीका नहीं है।
कितने प्रतिशत पर सेटलमेंट होता है?
कोई तय प्रतिशत नहीं है। जो आँकड़ा वादा करे, उससे सावधान रहें।
NOC क्यों चाहिए?
भुगतान के बाद लिखित पुष्टि कि सहमति पूरी हुई। अकेली ट्रांजेक्शन रसीद पर्याप्त नहीं हो सकती।
