RBI rules: read the RBI guidelines on loan settlement and recovery
  • Already in force: lenders and recovery agents must not call you for overdue loans before 8 AM or after 7 PM
  • Credit report correction not done within 30 days of your complaint? You get ₹100 for each day of delay
  • Recovery agents must not threaten, humiliate or harass you, your relatives, friends or co-workers
  • From 1 Jan 2027, banks must also tell you the recovery agency’s details at least one day before its first visit
  • From 1 Jan 2027, banks must list their recovery agencies on their website
  • Lenders agree settlements under their own Board-approved policy; it is not an automatic right
  • After a compromise settlement, lenders wait at least 12 months before lending to you again (non-farm loans)
  • No reply from your bank in 30 days, or unhappy with it? You can complain to the RBI Ombudsman at cms.rbi.org.in
लीगल नोटिस

लोन का लीगल नोटिस: क्या करें, क्या न करें

बैंक का लीगल नोटिस मिलने पर उसे नज़रअंदाज़ न करें। नोटिस मिलने की तारीख़ लिख लें, देखें कि यह किस तरह का नोटिस है और उसमें कितने दिन दिए गए हैं। रकम अपने स्टेटमेंट से मिलाएँ और समय रहते लिखित जवाब दें। चेक बाउंस या कोर्ट के कागज़ हों तो अपनी पसंद के वकील से सलाह लें।

हर कदम का फ़ैसला आपका

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घर पर बैंक का पत्र पढ़ता व्यक्ति

पहले समझें: नोटिस किस तरह का है

  • डिमांड नोटिस: बैंक या उसका वकील बकाया रकम एक तय तारीख़ तक माँगता है
  • चेक बाउंस नोटिस (धारा 138): नोटिस मिलने के 15 दिन में भुगतान न हो तब अपराध बनता है
  • ECS/NACH बाउंस नोटिस (धारा 25 PSS Act): वही 30/15 दिन का ढाँचा
  • आर्बिट्रेशन नोटिस या कोर्ट समन: तुरंत वकील से बात करें

जवाब देना क्यों ज़रूरी है

  • आपकी बात रिकॉर्ड पर आती है (गलत रकम, जमा हुआ पैसा, नौकरी जाना जैसी परेशानी)
  • बैंक को पता चलता है कि आप भाग नहीं रहे
  • चुप रहने से नोटिस की समय-सीमा नहीं रुकती
  • हम नोटिस को आसान भाषा में समझाते हैं और बैंक से भुगतान योजना या सेटलमेंट की बात में मदद करते हैं

आम हालात

उदाहरण: मान लीजिए आपकी दुकान बंद होने से तीन EMI छूट गईं और बैंक के वकील का नोटिस आया कि 15 दिन में पूरा बकाया चुकाएँ। पूरी रकम देना मुमकिन न हो, तब भी लिखित में अपनी स्थिति बताना बेहतर है। मानना या न मानना बैंक का फ़ैसला है।

उदाहरण: मान लीजिए WhatsApp पर "कोर्ट का नोटिस" की फोटो भेजकर कहा गया कि कल गिरफ़्तारी होगी। असली नोटिस में बैंक का नाम, आपका लोन खाता और वकील या कोर्ट का ब्योरा होता है। सिर्फ़ धमकी देना वसूली के गलत तरीके में आता है — देखें रिकवरी एजेंट उत्पीड़न।

ये गलतियाँ न करें

  • नोटिस को अनदेखा करना या सिर्फ़ फोन पर बात करना
  • किसी व्यक्ति के निजी खाते या UPI पर पैसा भेजना
  • दबाव में ऐसी रकम मान लेना जो आप दे ही नहीं सकते

अंग्रेज़ी गाइड: How to reply to a bank legal notice · सेवा पेज: loan default help

*हम लोन सेटलमेंट कंसल्टेंसी हैं, लॉ फ़र्म नहीं। यह सामान्य जानकारी है, आपके केस की सलाह नहीं।*

हमारी सेवा प्रतिबद्धताएँ

  • हम आपकी उत्पीड़न शिकायत बैंक और RBI के पास दर्ज कराएँगे
  • हमारी लीगल डेस्क गैरकानूनी रिकवरी धमकियों का औपचारिक जवाब 48 घंटे में भेजेगी
  • हम आपके और गैरकानूनी वसूली के बीच खड़े रहते हैं
  • ऑटो डेबिट, UPI AutoPay या NACH मैंडेट रद्द करने में हम कदम-दर-कदम साथ चलेंगे
  • अनधिकृत कटौती का विवाद करने में हम आपकी मदद करेंगे
  • रिकवरी एजेंट के घर या दफ़्तर आने पर हम आपकी मदद करेंगे
  • आपको अपने केस की साफ़ लिखित योजना मिलेगी, बिना छिपी फीस

सीमाएँ और जोखिम

  • हम लॉ फ़र्म नहीं हैं; कानूनी जवाब के लिए अपनी पसंद के वकील से मिलें।
  • नोटिस की समय-सीमा शिकायत या बातचीत से नहीं रुकती।
  • सेटलमेंट देना लेंडर का फ़ैसला है।

इस पेज के स्रोत

आम सवाल

क्या लोन न चुकाने पर जेल हो सकती है?

लोन न चुका पाना आम तौर पर सिविल मामला है। चेक बाउंस (धारा 138) या धोखाधड़ी जैसे ख़ास मामलों में आपराधिक केस बन सकता है।

क्या हर नोटिस का जवाब देना ज़रूरी है?

हर नोटिस के लिए एक नियम नहीं है, पर समय पर जवाब देना आम तौर पर समझदारी है।

क्या आप मेरे लिए नोटिस का जवाब लिखेंगे?

हम लॉ फ़र्म नहीं हैं। हम नोटिस को आसान भाषा में समझाते हैं, रकम जाँचते हैं और बैंक से बात में मदद करते हैं। कानूनी जवाब के लिए अपनी पसंद के वकील से मिलें।

सभी सवाल (अंग्रेज़ी में)

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अपने लोन के बारे में कुछ जानकारी दें। हम उसे देखकर आपको बताएँगे कि कौन-से विकल्प आपके काम आ सकते हैं।

चरण 1 / 7

आपका बकाया किस पर है?